स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इंदौर को छह प्रथम पुरस्कार

Written by Anil Patil, Published on April 19, 2022 10:06 pm, GMT+0530

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इंदौर को छह प्रथम पुरस्कार

Indore (MP): ये अवॉर्ड 56 दुकान, हेरिटेज, कार्बन क्रेडिट, सैनिटेशन में क्योंकि… ऐसे काम देश का कोई शहर नहीं कर सका

स्वच्छता के बाद इंदौर के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ी है। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में शहर को अलग-अलग श्रेणी में छह प्रथम पुरस्कार मिले हैं। सोमवार को सूरत में आयोजित स्मार्ट सिटीज कॉन्फ्रेंस रहा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यह अवॉर्ड निगमायुक्त प्रतिभा पाल और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सीईओ ऋषव गुप्ता को देंगे।

हमें ये अवॉर्ड बिल्ट एनवायर्नमेंट के लिए 56 दुकान प्रोजेक्ट, सैनिटेशन म्युनिसिपल वेस्ट मैनेजमेंट, कल्चर हेरिटेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट, इकॉनोमिक इंच कार्बन क्रेडिट फाइनेंशियल मैकेनिज्म, इनोवेटिव आइडिया कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मैकेनिज्म में मिलने जा रहे हैं। इसी के साथ विभिन्न श्रेणियों में ओवरऑल अच्छे प्रदर्शन के लिए भी इंदौर को सम्मानित किया जा रहा है।

ओवरऑल प्रदर्शन में इदार ने सूरत के साथ अवॉर्ड साझा किया है। सैनिटेशन कैटेगरी में इंदौर के साथ तिरूपति और कल्चर- हेरिटेज कैटेगरी चंडीगढ़ भी पहले स्थान पर है। कुल 8 कैटेगरी में इंदौर इकलौता शहर है, जिसे 6 प्रथम पुरस्कार मिले हैं।

1. सभी श्रेणियों में यानी ओवरऑल प्रथम पुरस्कार

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indore rajwada, source; Dainik bhaskar epaper indore

• स्मार्ट सिटी में कुल 150 प्रोजेक्ट्स, जिनकी लागत लगभग 700 करोड़, इससे शहर के कोर एरिया के साथ एक बड़े हिस्से को व्यवस्थित करने और खूबसूरत बनाने का प्लान।

• इस प्रोजैक्ट के तहत 34 से अधिक सड़कों का निर्माण होगा, 170 करोड़ रुपए के लगभग खर्च होंगे।

  • 75 करोड़ की लागत वाले रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत कान्ह सरस्वती नदी का उद्धार

• नए कचरा ट्रांसफर स्टेशन, जिसकी लागत 50 करोड़ से अधिक, एमओजी लाइंस का पुनर्घनत्वीकरण प्रोजेक्ट प्रस्तावित

2. बिल्ट एनवायर्नमेंट के लिए 56 दुकान

• देश की सबसे क्लीन स्ट्रीट फूड का अवॉर्ड प्राप्त फूड टूरिज्म स्पॉट • सिर्फ 56 दिन में बनकर तैयार हुआ 4 करोड़ रुपए से अधिक लागत आई • कायाकल्प के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्या आम दिनों में 5 हजार और वीकेंड पर overline 15 हजार तक pi*g_{1}

• देश के फूड स्पॉट में टॉप-10 में इसकी गिनती होती है।

• ओपन स्पेस, खूबसूरती के कारण छप्पन दुकान सिर्फ फूड ही नहीं, बल्कि रिक्रिएशन सेंटर के साथ ही कला और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी हो रहा डेवलप।

3. सैनिटेशन म्युनिसिपल वेस्ट मैनेजमेंट

• 2015-16 में Clean भारत मिशन के तहत अपशिष्ट प्रबंधन प्रक्रिया और प्रौद्योगिकी की शुरुआत हुई। • घर-घर से कचरा एकत्र करने के लिए

472 गाड़ियों का संचालन, ये गाड़ियां

कचरा इकट्ठा कर 10 कचरा ट्रांसफर

स्टेशन पर पहुंचाती हैं।

• पीपीपी मॉडल पर जैविक कचरे के उपचार के लिए 20 और 15 टीपीडी क्षमता के दो जैव-मिथेनेशन संयंत्र स्थापित किए।

• इससे बनने वाली बायो सीएनजी गैस शहरभर में दौड़ रही सिटी बसों में उपयोग हो रही।

4. कल्चर हेरिटेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट

●गोपाल मंदिर जीर्णोद्धार योजना में 20 करोड़ लागत, यहां 500 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर भी प्रस्तावित इस

साल काम पूरा होगा।

• राजबाड़ा पैलेस, गोपाल मंदिर परिसर, मल्हारराव होलकर, हरिराव होलकर छतरी और बोलिया सरकार के कायाकल्प व जीर्णोद्धार के प्रोजेक्ट

• किसी भी हेरिटेज के मूल स्वरूप में बदलाव नहीं, यहां तक कि लकड़ी सहित अन्य सामग्री भी उसी वैभव, शैली की लगाई जा रही हैं।

• काम पूरा होते ही राजवाड़ा क्षेत्र को हेरिटेज वॉक के रूप में डेवलप करेंगे।

5. इकोनॉमिक कार्बन क्रेडिट फाइनेंशियल मैकेनिज्म

  • कचरा प्रबंधन के जरिए खाद बनाने के साथ नगर निगम को कार्बन क्रेडिट vec 947 से 50 लाख रुपए की आय हो रही।
  • देवगुराड़िया tilde H 6 टीपीडी, चोइथराम मंडी व कबीटखेड़ी में कुल 35 टीपीडी जैव मिथेनेशन प्लांट, 30 साल hat 26 hat 4 प्रोजेक्ट • इसका अंतरराष्ट्रीय overline 7C4 करीब 1.5 करोड़ से तीन करोड़ रुपए प्रतिवर्ष, 3 overline 19 इसमें भी इंदौर बन रहा मॉडल, दूसरे शहर सीख रहे हमसे। स्मार्ट सिटी में इससे हमने रेवेन्यू मॉडल तैयार किया।

• इनसे हर वर्ष करीब 3,50,000 कार्बन क्रेडिट जारी होगा।

• इसका अंतरराष्ट्रीय Currency. करीब 1.5 करोड़ से तीन करोड़ रुपए प्रतिवर्ष, 3pi इसमें भी इंदौर बन रहा मॉडल, दूसरे शहर सीख रहे हमसे। स्मार्ट सिटी में इससे हमने रेवेन्यू मॉडल तैयार किया।

6. इनोवेटिव आइडिया अवॉर्ड- कार्बन क्रेडिट फाइनेंसिंग मैकेनिज्म

  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत छह साल पहले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू का इस कचर
  • से खाद, गैस, बिजली बनाने की योजनाएं शुरू की। अलग-अलग जैविक कचरे के विकेन्द्रीकृत प्रोसेसिंग की अवधारणा तैयार की इस परियोजना का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं जैसे एसबीएम,
  • स्मार्ट सिटी मिशन और सार्वजनिक परिवहन के बीच तालमेल बनाना था।

Source: Dainikbhaskar Paper indore